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जानिठकैसी होती है पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी की तीसरी तिमाही, महिला के शरीर में आते हैं कà¥à¤¯à¤¾ बदलाव !
तीसरी तिमाही पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के आखिरी तिमाही होती है. इसमें बचà¥à¤šà¥‡ का पूरà¥à¤£ विकास हो जाता है और महिला के शरीर में à¤à¥€ कई बदलाव तेजी से आते हैं. इस तिमाही में ही कॉ​मà¥à¤ªà¥à¤²à¥€à¤•ेशंस के रिसà¥à¤• à¤à¥€ बढ़ते हैं. जानिठ​पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी की तीसरी तिमाही के बारे में.
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ को तीन-तीन महीनों के पीरियड में बांटा गया है. तीसरी तिमाही को आखिरी तिमाही कहते हैं जो 28वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ से शà¥à¤°à¥‚ होकर 40वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक चल सकती है. हर तिमाही में महिला के लिठखास अनà¥à¤à¤µ और शारीरिक बदलाव होते हैं. लेकिन हम यहां बात करेंगे तीसरी तिमाही की.
दरअसल तीसरी तिमाही महिला के लिठशारीरिक और मानसिक, दोनों तरह से चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€à¤ªà¥‚रà¥à¤£ होती है. तीसरी तिमाही के दौरान बचà¥à¤šà¥‡ का पूरà¥à¤£ विकास हो जाता है और महिला के शरीर में बचà¥à¤šà¥‡ का मूवमेंट à¤à¥€ तेजी से बढ़ जाता है. इस दौरान महिला को बचà¥à¤šà¥‡ की सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ और सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ पà¥à¤°à¤¸à¤µ की चिंता होने लगती है, जिसके कारण उसका मानसिक तनाव à¤à¥€ बढ़ता है. यहां जानिठतीसरी तिमाही में किस तरह की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ पैदा होती है.
महिला के सामने आती ये समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚
तीसरी तिमाही में महिला के सामने कई तरह की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ आती हैं जैसे- शिशॠका मूवमेंट जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होना, सीने में जलन और बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ में दरà¥à¤¦, चेहरे, उंगलियों आदि में सूजन, सोने में परेशानी और कà¤à¥€-कà¤à¥€ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का टाइट होना आदि. लेकिन अगर इसके अलावा कोई लकà¥à¤·à¤£ जैसे- दरà¥à¤¦ की तीवà¥à¤°à¤¤à¤¾, बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग, शिशॠके मूवमेंट में कमी, अधिक सूजन आदि महसूस हो तो फौरन विशेषजà¥à¤ž से परामरà¥à¤¶ करें.
शिशॠका होता ये विकास
32वें सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ के आसपास शिशॠकी हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ं पूरी तरह से विकसित हो जाती हैं. शिशॠअपनी आंखें खोलने और बंद करने लगता है. सूरज की रोशनी महसूस करने लगता है. 36वें हफà¥à¤¤à¥‡ तक उसका सिर योनि की ओर आ जाता है. 37वें हफà¥à¤¤à¥‡ में शिशॠका सारा शरीर खà¥à¤¦ काम करने के ​लिठतैयार रहता है. उसकी लंबाई 19 से 21 इंच तक बढ़ जाती है और वजन 6 से 9 पाउंड के बीच हो जाता है.
तीसरी तिमाही में इन जटिलताओं की à¤à¥€ आशंका
तीसरी तिमाही में महिला के साथ कई जटिलताà¤à¤‚ à¤à¥€ आ सकती हैं, इसलिठबहà¥à¤¤ सावधान और शांत रहने की जरूरत होती है. तीसरी के दौरान अनिदà¥à¤°à¤¾, जेसà¥â€à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¨à¤² डायबिटीज, हाई बीपी, सांस लेने में दिकà¥â€à¤•त, डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ और डीप वेन थोमà¥â€à¤¬à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ की दिकà¥â€à¤•त à¤à¥€ हो सकती है. इन समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से बचने के लिठसंतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार लें. विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ के निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥‹à¤‚ का पालन करें. à¤à¤°à¤ªà¥‚र पानी ​पीà¤à¤‚. नियमित रूप से चेकअप करवाती रहें. मेडिटेशन जरूर करें.
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